ऑपरेशन राइजिंग लायन: मोसाद की बड़ी कार्रवाई, ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायल का जबरदस्त हमला
इजरायल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, कई बड़े अधिकारी मारे गए
गुरुवार की रात इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया जिसे “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नाम दिया गया। इस हमले को इजरायल की डिफेंस फोर्स (IDF) और खुफिया एजेंसी मोसाद ने मिलकर अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों की मौत हो गई। इनमें ईरानी सेना के चीफ मोहम्मद बाघेरी, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी और अयातुल्लाह खामनेई के करीबी अली शामखानी शामिल हैं।
नतांज समेत कई परमाणु साइट्स को बनाया निशाना
इजरायली वायुसेना ने ईरान की नतांज, शिराज और तबरीज जैसी अहम परमाणु ठिकानों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि इन हमलों में छह प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। नतांज साइट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, क्योंकि यहीं ईरान यूरेनियम को शुद्ध कर रहा था, जो परमाणु हथियार बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इन हमलों का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और उसकी क्षमताओं को खत्म करना था।

सालों से चल रही थी मोसाद की तैयारी, आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल
इस हमले की तैयारी तीन साल पहले शुरू हो चुकी थी। मोसाद ने ईरान के अंदर ही एक गुप्त जगह पर ड्रोन तैयार करने और रखने का बेस बनाया था। वहां से हमले में इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे लेकिन घातक ड्रोन लॉन्च किए गए।
इजरायली एयरफोर्स ने इस ऑपरेशन में 330 से अधिक भारी बम गिराए, जिनका वजन 5,000 पाउंड तक था। इसके अलावा अमेरिका में बने एफ-35 स्टेल्थ जेट के इजरायली वर्जन का भी इस्तेमाल हुआ। हमला इतना सटीक और ताकतवर था कि ईरान की रक्षा प्रणाली जवाब तक नहीं दे पाई।
ईरान का पलटवार नाकाम, नेतन्याहू का बड़ा बयान
हमले के कुछ घंटों बाद ईरान ने इजरायल पर 100 से ज्यादा शाहेद ड्रोन भेजे, जिन्हें ‘सुसाइड ड्रोन’ कहा जाता है। ये ड्रोन अपने लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करते हैं, लेकिन इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली ने सभी ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया।
हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान वर्षों से हमारे खत्म होने की धमकी दे रहा है। अब उनके परमाणु कार्यक्रम ने खतरे को और बढ़ा दिया है। “हम इस खतरे को अगली पीढ़ी पर नहीं छोड़ सकते,” नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा।
