भारत ने सिंधु जल पर बढ़ाया दबाव, तालिबान ने पानी रोकने की चेतावनी दी, ईरान ने सीमा पर दीवार बनानी शुरू की
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान इन दिनों अपने तीन पड़ोसी देशों – भारत, अफगानिस्तान और ईरान – के साथ तनावपूर्ण हालात का सामना कर रहा है। हर तरफ से उसे रणनीतिक और कूटनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत जहां सिंधु जल संधि के तहत अपने अधिकारों का पूरा उपयोग करने की तैयारी में है, वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार सीमावर्ती नदियों पर बांध बनाकर पाकिस्तान की जल आपूर्ति रोकने की योजना बना रही है। इसके साथ ही ईरान ने भी पाकिस्तान सीमा पर एक बड़ी दीवार का निर्माण शुरू कर दिया है।
भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपनाया सख्त रुख
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को सिंधु प्रणाली की तीन प्रमुख नदियों का पानी देने का वादा किया था। लेकिन हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग करने का फैसला किया है। इससे पाकिस्तान में जल संकट और कृषि क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। पाकिस्तान की सरकार और सेना ने इसे लेकर चिंता जताई है, लेकिन भारत अपने निर्णय पर अडिग है।
तालिबान का बड़ा ऐलान – “अब पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा”
पाकिस्तान को दूसरा बड़ा झटका अफगानिस्तान से मिला है। तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाली कुनार नदी पर बांध बनाने की योजना बनाई है। इस नदी का पानी पाकिस्तान के कई इलाकों में सिंचाई और पीने के लिए इस्तेमाल होता है। तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी जनरल मुबीन ने खुद बांध स्थल का निरीक्षण किया और कहा, “यह पानी हमारा खून है, अब यह पाकिस्तान नहीं जाएगा। हम इससे बिजली बनाएंगे और अपनी खेती को बढ़ाएंगे।” अगर तालिबान यह योजना लागू करता है, तो पाकिस्तान की खेती और जल सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है।

ईरान ने पाकिस्तान सीमा पर दीवार खड़ी करनी शुरू की
पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर ईरान ने भी सख्त कदम उठाया है। ईरान ने पाकिस्तान से लगती सीमा पर 300 किलोमीटर लंबी और 4 मीटर ऊंची दीवार बनाने का काम शुरू कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह कदम आतंकी गतिविधियों और ड्रग तस्करी को रोकने के लिए उठाया गया है। कुछ महीने पहले ईरान ने जैश अल-अदल नामक आतंकी संगठन के खिलाफ पाकिस्तान की सीमा के अंदर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इसके बाद दोनों देशों में रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।
