प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में दुनिया को साफ संदेश दिया कि आतंकवाद किसी एक देश का मुद्दा नहीं, बल्कि यह पूरी मानवता पर हमला है।
आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता जरूरी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में दुनिया को साफ संदेश दिया कि आतंकवाद किसी एक देश का मुद्दा नहीं, बल्कि यह पूरी मानवता पर हमला है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ सख्त और एकजुट वैश्विक कार्रवाई की जरूरत है। पीएम मोदी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे “सभ्यता पर हमला” बताया और इस मुश्किल समय में भारत को मिले अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए आभार भी जताया।
ग्लोबल साउथ की चिंताओं को दुनिया के सामने रखा
पीएम मोदी ने ईरान-इज़रायल संघर्ष के बीच ग्लोबल साउथ यानी दक्षिणी विकासशील देशों की आवाज़ को आगे लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विश्व की बड़ी समस्याओं और संघर्षों का सबसे अधिक प्रभाव गरीब और विकासशील देशों पर पड़ता है। भारत ने इन देशों की बात विश्व मंचों पर उठाने का बीड़ा उठाया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख अमेरिका यात्रा पर हैं और संभावित राजनयिक बदलाव की स्थिति बनी हुई है।
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का विजन साझा किया
कनाडा के प्रधानमंत्री के विशेष निमंत्रण पर पीएम मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा पर एक अहम सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की उपलब्धता और स्थिरता सिर्फ आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी सबसे बड़ी जरूरत है। भारत की ऊर्जा नीति को चार स्तंभों पर आधारित बताया – उपलब्धता, पहुंच, सामर्थ्य और स्वीकार्यता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इन सिद्धांतों पर काम करते हुए सभी के लिए समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत की भूमिका सराहनीय
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ओर से किए गए जलवायु प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने पेरिस जलवायु समझौते के तहत अपने वादों को समय से पहले पूरा कर लिया है। उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय पहलों जैसे – इंटरनेशनल सोलर एलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड और आपदा-रोधी ढांचा गठबंधन का नेतृत्व किया है। इन पहलों के माध्यम से भारत पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहा है।

टेक्नोलॉजी और एआई को लेकर मानव-केंद्रित सोच पर ज़ोर
पीएम मोदी ने तकनीक के क्षेत्र में भारत की सोच को भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास मानवता की सेवा के लिए होना चाहिए। उनका मानना है कि हर तकनीक का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने भारत के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि जब टेक्नोलॉजी और ऊर्जा नीति एक साथ संतुलन में चलेंगी, तभी हम एक हरित और टिकाऊ भविष्य बना सकेंगे।
