देशभर में फैली अरबों की Waqf संपत्तियों पर नियंत्रण और पारदर्शी प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
पारदर्शिता के नए युग में कदम: ‘UMMEED Portal’ से Waqf संपत्तियों की निगरानी होगी डिजिटल
देशभर में फैली अरबों की Waqf संपत्तियों पर नियंत्रण और पारदर्शी प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब Waqf से जुड़ी हर संपत्ति की जानकारी UMMEED Portal (Unified Management, Monitoring & Empowerment of Waqf Assets Digitally) पर अपलोड की जाएगी। इस डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से संपत्तियों की चोरी, हेराफेरी और अवैध कब्जे जैसे मामलों पर सख्त निगरानी रखी जा सकेगी।
हर संपत्ति को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उसकी लोकेशन, स्वामित्व, उपयोग और प्रबंधन से संबंधित हर विवरण डिजिटल रूप से ट्रेस किया जा सकेगा। इस फैसले से न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता भी स्थापित होगी।
हर Waqf संपत्ति को मिलेगा यूनिक पहचान नंबर, मुतवल्लियों की जिम्मेदारी बढ़ी
सरकार द्वारा अधिसूचित ‘एकीकृत Waqf प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास नियम, 2025’ के अंतर्गत अब हर Waqf संपत्ति को एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) सौंपी जाएगी। यह कदम संपत्ति की पहचान, नियंत्रण और ट्रैकिंग में मील का पत्थर साबित होगा।
‘उम्मीद पोर्टल’ पर इन संपत्तियों का पूरा डेटा अपलोड करने की जिम्मेदारी मुतवल्लियों की होगी, जिन्हें अपने मोबाइल नंबर और ईमेल के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल, तेज़ और पारदर्शी होगी।
यदि किसी संपत्ति को गलत तरीके से Waqf घोषित करने की शिकायत आती है, तो संबंधित अधिकारी को एक वर्ष के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जिससे फर्जीवाड़े पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके।

संसद से पारित हुआ Waqf संशोधन अधिनियम, सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित
Waqf (Amendment) Act, 2025 को संसद ने इस साल अप्रैल में पारित किया था। इसका उद्देश्य Waqf संपत्तियों के रखरखाव, प्रबंधन और उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार ने इसके मसौदा नियम हाल ही में कानून मंत्रालय को भेजे हैं और इसे जुलाई के मानसून सत्र में संसद में पेश किया जाएगा।
हालांकि इस अधिनियम के कुछ प्रावधानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और निर्णय सुरक्षित रखा गया है। अब इस पर न्यायपालिका का रुख देखना दिलचस्प होगा।
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राज्यों के लिए मॉडल नियम और नोडल अधिकारी अनिवार्य, केंद्र का फोकस राष्ट्रीय एकरूपता पर
अब जब केंद्र स्तर पर एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा चुकी है, अगला कदम राज्यों के लिए Model Rules तैयार करना है। इसके लिए विशेषज्ञों और पूर्व न्यायिक अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी, जो राज्यों को कानूनी और प्रशासनिक दिशा निर्देश देगी।
राज्य सरकारों को संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी को Nodal Officer नियुक्त करना अनिवार्य होगा, जो उम्मीद पोर्टल पर डेटा की फीडिंग और अपडेटिंग की निगरानी करेगा। यह अधिकारी केंद्र की सहायता इकाई से समन्वय कर पूरे राज्य के Waqf डेटा को व्यवस्थित रखेगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर Waqf संपत्तियों के डेटा को एकरूपता और मानकीकरण देने की दिशा में अहम साबित होगा, जिससे देशभर में फैली Waqf संपत्तियों की सुरक्षा और उपयोगिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
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