दुबई और अबू धाबी में निवेश करिए और पाइए रहने का अधिकार, UAE सरकार ने लॉन्च किया नया रियल एस्टेट वीजा
दुबई और अबू धाबी में निवेश करिए और पाइए रहने का अधिकार, UAE सरकार ने लॉन्च किया नया रियल एस्टेट वीजा
UAE में बसने की चाह रखने वालों के लिए अब एक और शानदार विकल्प सामने आया है। दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक खास वीजा योजना शुरू की गई है, जिसे Real Estate Visa नाम दिया गया है।
यह वीजा उन विदेशी नागरिकों को दिया जाएगा जो UAE के रियल एस्टेट वीजा प्रोग्राम के तहत एक तय सीमा से अधिक का निवेश करते हैं। इस वीजा के तहत निवेशक को 5 से 10 वर्षों तक UAE में वैध रूप से रहने की अनुमति मिलेगी। यह योजना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो दुबई और अबू धाबी जैसी जगहों में स्थायी तौर पर रहना चाहते हैं और टैक्स फ्री माहौल का लाभ उठाना चाहते हैं।
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Golden Visa से कैसे अलग है यह नया रियल एस्टेट वीजा? जानिए फायदे और सीमाएं
Golden Visa जहां आमतौर पर जीवनभर के लिए या 10 वर्षों तक का वीजा होता है और कई श्रेणियों (जैसे निवेशक, डॉक्टर, वैज्ञानिक, आंत्रप्रेन्योर) को कवर करता है, वहीं Real Estate Visa विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो UAE के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं।
इसके कुछ प्रमुख अंतर इस प्रकार हैं:
- अवधि: Golden Visa आम तौर पर 10 वर्ष या उससे अधिक के लिए होता है, जबकि Real Estate Visa 5 से 10 वर्षों के लिए वैध होता है।
- निवेश की शर्त: रियल एस्टेट वीजा के लिए अनिवार्य रूप से UAE में संपत्ति खरीदनी होती है, जबकि गोल्डन वीजा में विभिन्न प्रकार के निवेश विकल्प होते हैं।
- लागत: गोल्डन वीजा की कीमत लगभग 1 लाख दिरहम (₹23 लाख) होती है, वहीं रियल एस्टेट वीजा निवेश पर आधारित होने से महंगा साबित हो सकता है।
इसलिए यदि आप केवल संपत्ति के माध्यम से UAE में स्थायी निवास की तलाश में हैं, तो यह वीजा आपके लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है।

संपत्ति बेचते ही खत्म हो जाएगा वीजा, जानिए Real Estate Visa की शर्तें
Real Estate Visa को लेकर UAE सरकार ने कुछ स्पष्ट और सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। यदि वीजा प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपनी संपत्ति को बेच देता है, तो उसका वीजा स्वतः ही रद्द कर दिया जाएगा।
हालांकि, व्यक्ति नई प्रॉपर्टी खरीदने पर फिर से आवेदन कर सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक निवेशक ही इस वीजा का लाभ उठाएं और वीजा का दुरुपयोग न हो।
दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में यह योजना उच्च नेटवर्थ वाले लोगों के लिए बेहद आकर्षक मानी जा रही है, क्योंकि ये शहर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सुरक्षा और कर लाभों के मामले में टॉप पर हैं।
UAE बना अमीरों की पहली पसंद, जानिए क्यों बढ़ रही है निवेश की होड़
UAE अब दुनिया के सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रहे टैक्स-फ्री निवास स्थलों में से एक है। 2024 की Henley & Partners रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अकेले 6,700 करोड़पति UAE में बस चुके हैं।
दुबई और अबू धाबी न केवल शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बल्कि टैक्स बचत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए उपयुक्त वातावरण भी प्रदान करते हैं।
UAE में रहने के कुछ प्रमुख फायदे:
- कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं
- पूंजीगत लाभ कर (Capital Gain Tax) शून्य
- उत्तराधिकार कर नहीं लगता
इन सभी कारणों से न केवल भारतीय निवेशक, बल्कि अमेरिका, यूरोप और एशिया के करोड़पति भी अब UAE में Real Estate Visa के ज़रिए अपनी स्थायी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
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