Sawan का महीना Bhagwan Shiv(Bhagwan Shiv) की पूजा-अर्चना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस पावन माह में शिवभक्त पूरी श्रद्धा से Shivling (Shivling) का पूजन करते हैं
Sawan में Shivling पूजन का विशेष महत्व, जानें Bhagwan Shiv की प्रिय वस्तुएं
Sawan का महीना Bhagwan Shiv(Bhagwan Shiv) की पूजा-अर्चना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस पावन माह में शिवभक्त पूरी श्रद्धा से Shivling (Shivling) का पूजन करते हैं और Bhagwan Shivको प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वस्तुएं (Priya Vastuayein) जैसे जल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद आदि अर्पित करते हैं। मान्यता है कि Shivling पर इन वस्तुओं को सही क्रम में चढ़ाने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। Sawan में शिव पूजन का लाभ तभी संपूर्ण होता है जब भक्त नियम और विधि-विधान के अनुसार पूजन करें।
Shivling पर सबसे पहले क्या चढ़ाएं: जल या बेलपत्र ?
धार्मिक शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार, Shivling पर सबसे पहले जल अर्पित करना चाहिए। यह जल यदि गंगा, यमुना या किसी अन्य पवित्र नदी से लाया गया हो तो इसका फल और अधिक बढ़ जाता है। Shivling पर जल अर्पित करने से Bhagwan Shivकी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और वातावरण भी सकारात्मक बनता है। जल के बाद ही बेलपत्र चढ़ाना उचित माना गया है।
बेलपत्र Bhagwan Shiv(Bhagwan Shiv) की प्रिय वस्तुओं (Priya Vastuayein) में से एक है, लेकिन इसे जल के बाद अर्पित करना चाहिए। पूजा करते समय बेलपत्र की संख्या विषम (जैसे 3, 5, 7, 9 या 11) होनी चाहिए और चढ़ाते वक्त ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ होता है।
Shivling पूजन की सही विधि: क्या करें और क्या न करें?
Shivling (Shivling) की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। Sawan (Sawan) में शिव पूजन के लिए प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनना चाहिए। फिर शांत चित्त से Shivling के समक्ष पूजा करनी चाहिए।
पूजा की शुरुआत जल अर्पण से करें, फिर बेलपत्र, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। Shivling पर चढ़ाया गया बेलपत्र साफ और बिना टूटा होना चाहिए। खंडित या सूखा बेलपत्र Shivling पर अर्पित नहीं करना चाहिए क्योंकि यह अशुभ माना जाता है।
Shivling पर केतकी के फूल, हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। ये वस्तुएं Bhagwan Shivको वर्जित मानी गई हैं। इसके अलावा Shivling पर जल अर्पित करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजन करना चाहिए।

Sawan के सोमवार को करें विशेष पूजा, मिलेंगे मनचाहे फल
Sawan के सोमवार को Bhagwan Shiv की पूजा करना विशेष फलदायी होता है। इस दिन Shivling पर जल और बेलपत्र चढ़ाकर व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शिव चालीसा, रुद्राष्टक, महामृत्युंजय मंत्र और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप इस दिन विशेष रूप से लाभकारी होता है।
जो लोग विधिवत पूजन नहीं कर सकते, वे सिर्फ एक लोटा जल अर्पित करके भी भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकते हैं। कहा जाता है कि Bhagwan Shivअपने भक्तों की सच्ची भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं और उन्हें सुख-शांति का वरदान देते हैं।
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Shivling पर अर्पित करें Bhagwan Shivकी प्रिय वस्तुएं, मिलेगी आध्यात्मिक ऊर्जा
Sawan के पावन अवसर पर Shivling पर Bhagwan Shiv की प्रिय वस्तुएं (Priya Vastuayein) अर्पित करने से आध्यात्मिक और आत्मिक विकास होता है। इस दौरान की गई पूजा से न केवल भौतिक सुख की प्राप्ति होती है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मा की शुद्धता भी प्राप्त होती है।
जो भक्त Sawan में पूरी श्रद्धा से Shivling की पूजा करते हैं, उन्हें शिव कृपा से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। अतः Sawan के इस पावन माह में Shivling पूजन की विधि और नियमों का पालन करते हुए Bhagwan Shivकी आराधना करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
