12 जून को गुजरात के Ahmedabad में हुए भीषण हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
Ahmedabad में हुए विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
12 जून को गुजरात के Ahmedabad में हुए भीषण हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Air India के Boeing 787 dreamliner plane की दुर्घटना की प्रमुख वजह ईंधन नियंत्रण स्विच (फ्यूल स्विच) का अचानक बंद हो जाना रहा। यह तकनीकी गड़बड़ी इतनी गंभीर थी कि महज कुछ ही सेकंडों में विमान के दोनों इंजन फेल हो गए और पूरा सिस्टम ठप पड़ गया। उड़ान भरने के ठीक तीन सेकंड बाद इंजन नंबर-1 बंद हो गया और कुछ ही पलों में इंजन नंबर-2 ने भी काम करना बंद कर दिया, जिससे विमान सीधे नीचे गिर गया।
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क्या होता है फ्यूल स्विच और कैसे करता है काम?
फ्यूल स्विच, dreamliner plane के इंजन को ईंधन देने और उसे नियंत्रित करने का सबसे अहम हिस्सा होता है। इस स्विच के दो मोड होते हैं – ‘Run’ और ‘Cutoff’। ‘Run’ मोड में ईंधन की आपूर्ति जारी रहती है जबकि ‘Cutoff’ मोड में फ्यूल सप्लाई पूरी तरह से बंद हो जाती है। यह स्विच आमतौर पर कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के ठीक पास स्थित होता है, जिससे पायलट उड़ान के दौरान इसे नियंत्रित करते हैं। Boeing 787 जैसे विमानों में दोनों इंजनों के लिए अलग-अलग फ्यूल स्विच होते हैं। इन स्विच को किसी भी स्थिति में अचानक बंद नहीं किया जा सकता, इसके लिए पहले स्विच को खींचा जाता है, फिर मोड को घुमाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट गलती से इसे बंद नहीं कर सकता, क्योंकि इसमें एक तय सुरक्षा प्रक्रिया होती है।

ब्लैक बॉक्स से खुला रहस्य: पायलटों के बीच फ्यूल कटऑफ पर बातचीत
AAIB की रिपोर्ट में फ्लाइट रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स की जानकारी भी शामिल है, जिसमें टेकऑफ के ठीक बाद पायलटों के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड हुई है। डेटा के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे से पूछा – “तुमने फ्यूल कटऑफ क्यों किया?” जवाब में दूसरे पायलट ने कहा – “मैंने ऐसा कुछ नहीं किया।” इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि दोनों Air India पायलटों में से किसी ने जानबूझकर स्विच ऑफ किया या यह तकनीकी गड़बड़ी थी। हालांकि, किस पायलट ने क्या किया, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है क्योंकि आवाजों की पहचान नहीं हो सकी है।
हादसे में 260 से अधिक लोगों की गई जान, जांच जारी
इस भीषण हादसे में 260 से अधिक यात्रियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दुर्घटना में dreamliner plane पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। राहत और बचाव दल को मलबा हटाने और शवों की पहचान में घंटों लग गए। फिलहाल AAIB की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें तकनीकी खामियों के साथ-साथ मानव त्रुटि (Human Error) की भी गहराई से जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने आधुनिक Boeing 787 विमान में इस तरह की त्रुटि असामान्य है और इससे संकेत मिलता है कि या तो सिस्टम में कोई गंभीर बग था या फिर मानवीय लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया।
