संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में afghanistanकी स्थिति को लेकर पेश किए गए एक अहम प्रस्ताव पर India ने मतदान से दूरी बनाते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ दंडात्मक रवैये से शांति नहीं लाई जा सकती।
India का संतुलित रुख: प्रस्ताव से दूरी, पर प्रतिबद्धता बरकरार
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में afghanistanकी स्थिति को लेकर पेश किए गए एक अहम प्रस्ताव पर India ने मतदान से दूरी बनाते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ दंडात्मक रवैये से शांति नहीं लाई जा सकती। Indian Ambassador पार्वथानेनी हरीश ने न्यूयॉर्क में India का पक्ष रखते हुए कहा कि afghanistanमें वास्तविक बदलाव लाने के लिए ऐसी रणनीति की ज़रूरत है जो वहां के लोगों की ज़रूरतों को समझे और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करे। India ने भले ही वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन अफगान जनता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और मानवीय सहायता से लेकर शिक्षा तक, हर स्तर पर समर्थन जारी रखने का भरोसा जताया।
UNGA प्रस्ताव में 116 देशों का समर्थन, India सहित 12 ने बनाई दूरी
इस प्रस्ताव को जहां 116 देशों ने समर्थन दिया, वहीं अमेरिका और इज़रायल ने विरोध जताया। India समेत 12 देशों ने वोटिंग से परहेज किया। Indian Ambassador हरीश ने इस निर्णय को लेकर India की स्थिति स्पष्ट की और कहा कि “जैसे चल रहा है, वैसे चलने दो” वाला रवैया अब अफगान जनता को कहीं नहीं ले जाएगा। India ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय कदम में “सिर्फ़ सज़ा देने” का नजरिया नहीं, बल्कि समावेशी और रचनात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए। afghanistanजैसे संवेदनशील देश में स्थिरता लाने के लिए बहुपक्षीय प्रयास और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण ज़रूरी हैं।
Tarif डेडलाइन बढ़ी: US President डोनाल्ड ट्रंप, 1 अगस्त तक वैश्विक व्यापार को मिली Tarif Par Rahat
यह भी पड़े: Tarif डेडलाइन बढ़ी: US President डोनाल्ड ट्रंप, 1 अगस्त तक वैश्विक व्यापार को मिली Tarif Par Rahat
आतंकवाद के मुद्दे पर India का सख्त संदेश
Indian Ambassador ने इस अवसर पर afghanistanसे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि अफगान क्षेत्र का उपयोग किसी भी प्रकार के आतंकवाद के लिए न हो, और इसके लिए अल-कायदा, ISIS, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस और संयुक्त कार्रवाई की जानी चाहिए। India ने यह भी बताया कि हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और तालिबान के विदेश मंत्री के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई थी। यह संवाद इस बात का संकेत है कि India क्षेत्रीय शांति को लेकर हर स्तर पर सक्रिय है।

मानवीय सहायता और शिक्षा में India की निर्णायक भूमिका
India ने afghanistanकी आम जनता के लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है, जिसमें 50,000 मीट्रिक टन गेहूं, 330 मीट्रिक टन दवाइयां और टीके, 40,000 लीटर कीटनाशक, और 58.6 मीट्रिक टन आवश्यक सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, India ने संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एंड क्राइम एजेंसी (UNODC) के सहयोग से 84 मीट्रिक टन अतिरिक्त दवाइयां और 32 मीट्रिक टन सामाजिक सहायता सामग्री विशेष रूप से महिलाओं के लिए नशा मुक्ति कार्यक्रमों के तहत प्रदान की हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी India ने 2023 से अब तक 2,000 अफगान छात्रों को छात्रवृत्ति दी है। यह सब दर्शाता है कि India, Afghanistan के पुनर्निर्माण और सामाजिक बदलाव के लिए निरंतर प्रयासरत है।
भविष्य की राह: संवाद और विकास पर जोर
Indian Ambassador हरीश ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि afghanistanमें अगस्त 2021 के बाद से कोई ठोस नीतिगत परिवर्तन नहीं हुआ है, जो वैश्विक चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने यह साफ किया कि संघर्ष के बाद केवल सज़ा आधारित नीति से हल नहीं निकलता, बल्कि जरूरी है कि हम सकारात्मक पहल करें और विकास को प्राथमिकता दें। India यह मानता है कि शांति और स्थिरता के लिए संवाद, सहयोग और निरंतर सहायता आवश्यक है। उन्होंने यह दोहराया कि India afghanistanका निकटतम पड़ोसी और ऐतिहासिक रूप से करीबी साझेदार रहा है। इसलिए India की नीति स्पष्ट और स्थिर है—Afghanistan की जनता के साथ खड़ा रहना और उनके पुनर्निर्माण के प्रयासों में सहभागी बनना।
यह भी पड़े: एल्गोक्वांट फिनटेक का बड़ा कॉर्पोरेट एक्शन: बाजार में नई ऊर्जा भरने को तैयार
