करीब पांच साल के बाद एक बार फिर नाथुला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हो गई है। सोमवार को 36 श्रद्धालुओं का पहला दल सिक्किम से रवाना हुआ।
नाथुला मार्ग से यात्रा की दोबारा शुरुआत, पहले जत्थे में 23 पुरुष और 13 महिलाएं शामिल
करीब पांच साल के बाद एक बार फिर नाथुला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हो गई है। सोमवार को 36 श्रद्धालुओं का पहला दल सिक्किम से रवाना हुआ। इसमें 23 पुरुष और 13 महिलाएं हैं। ये सभी श्रद्धालु पहले 18 माइल स्थित आधार शिविर पहुंचेंगे, जहां से 20 जून को उनकी आधिकारिक यात्रा शुरू होगी।
आईटीबीपी ने दी जरूरी जानकारी, यात्रा दल के साथ डॉक्टर और रसोइया भी भेजे गए
श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की ओर से पूरी जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया। दल के साथ एक सम्पर्क अधिकारी, एक डॉक्टर, आईटीबीपी के जवान और रसोइए भी शामिल हैं ताकि यात्रा के दौरान हर जरूरत का ध्यान रखा जा सके।

अनुकूलन के लिए दो-दो दिन 18 माइल और शेराथांग में रुकेंगे यात्री
श्रद्धालुओं को ऊंचाई के अनुसार शरीर ढालने के लिए पहले 18 माइल स्थित नए अनुकूलन केंद्र में दो दिन और फिर शेराथांग में दो दिन रुकना होगा। इस दौरान हल्की गतिविधियां जैसे स्थानीय भ्रमण, योग और भजन संध्या करवाई जाएंगी।
मेडिकल जांच के बाद मिलेगी चीनी सीमा में प्रवेश की अनुमति
छठे दिन सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही उन्हें चीन की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी। सिक्किम पर्यटन विकास निगम के सीईओ राजेन्द्र छेत्री ने इसे राज्य और देश के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जो सरकार की तैयारी और सुविधा व्यवस्था की सराहना कर रहे हैं।
