अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए खुला राम दरबार, जानें एंट्री की प्रक्रिया और दर्शन का समय
राम मंदिर की पहली मंजिल पर खुला भव्य राम दरबार
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में अब भक्तों को एक और दिव्य अनुभव मिलने जा रहा है। मंदिर की पहली मंजिल पर स्थित राम दरबार को अब जनता के लिए खोल दिया गया है। यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा लिया गया। अब मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की एक साथ दर्शन कर सकेंगे।
दर्शन के लिए बनेंगे पास, तय की गई समय-सारणी
राम दरबार के दर्शन के लिए भी अब पास की व्यवस्था की गई है, जैसा कि रामलला के दर्शन के लिए किया जाता है। हर दर्शन पाली में 300 पास उपलब्ध होंगे।
दर्शन के लिए कुल 6 टाइम स्लॉट तय किए गए हैं:
- सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक
- सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक
- दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक
- दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक
- शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक
- शाम 7:00 बजे से 9:00 बजे तक
इनमें से 150 पास मंदिर ट्रस्ट के पास रहेंगे और 150 पास जिला प्रशासन के पास। इनमें भी 100 पास विशेष दर्शन के लिए और 50 पास सुगम दर्शन वालों को दिए जाएंगे।
राम दरबार में स्थापित हैं कई दिव्य मूर्तियां
राम दरबार में सिर्फ भगवान राम ही नहीं, बल्कि पूरे राजपरिवार की झलक दिखाई देती है। यहां पर भगवान श्रीराम के साथ माता सीता, भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भक्त हनुमान जी की प्रतिमाएं हैं। ये प्रतिमाएं भव्य और धार्मिक भावनाओं से परिपूर्ण हैं।
इसके अलावा मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। उत्तर-पूर्व कोने में भगवान शिव, दक्षिण-पूर्व में भगवान गणेश, दक्षिण-पश्चिम में सूर्य देव, उत्तर-पश्चिम में भगवती, दक्षिणी विंग में हनुमान जी, और उत्तरी विंग में माता अन्नपूर्णा की मूर्तियां मौजूद हैं।

अयोध्या का मंदिर: भव्यता और आस्था का प्रतीक
अयोध्या में बना राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में तैयार किया गया है। यह मंदिर तीन मंजिला है, जिसकी लंबाई 360 फुट, चौड़ाई 235 फुट और ऊंचाई 161 फुट है। मंदिर में कुल 392 नक्काशीदार स्तंभ और 44 बड़े दरवाजे हैं, जिन पर हिंदू देवी-देवताओं की सुंदर नक्काशी की गई है।
इस मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, और अब राम दरबार के दर्शन की सुविधा मिलने से यह अनुभव और भी खास हो गया है। भक्तों को मंदिर में समय पर पहुंचकर पास के अनुसार दर्शन की योजना बनानी चाहिए ताकि उन्हें इस दिव्य अवसर का लाभ मिल सके।
